Wednesday, 15 February 2017

हाल ही में एक नयी फिल्म आयी है 'जॉली एल. एल. बी' । कल परिवार के साथ फिल्म देखने का समय मिला और हम सिनेमा में फिल्म देखने निकल पड़े। फिल्म की शुरुआत से पहले राष्ट्रीय गान चलाया गया और सभी लोगों को राष्ट्रीय गान के सम्मान में खड़ा देख मन को प्रसन्नता हुई। फिल्म में अक्षय कुमार ने वकील के चरित्र को बखूबी निभाया है । जीवन की वास्तविकता को फिल्म में अच्छे  ढंग से दिखाया गया है।बहुत से लोगों का इन समस्याओँ से रोज़ पाला पड़ता है । बहुत से लोगो की ज़िन्दगी भी शायद ऐसी ही उलझनों में ख़त्म हो गयी होगी जैसा की फिल्म में दिखाया गया है।  

पर क्या फिल्म में दिखाने भर से हमारे सिस्टम में सुधार हो जायेगा। ये ज़रूर सोचने का विषय है  ,,,,,,।


अच्छे अच्छे प्रबंधक अपने संसाधनों का उपयोग करने में चूक जाते है और ये ही लोग दूसरों के संसाधनों का गज़ब का उपयोग कर जाते है। हर व्यवसायिक व्यवस्था में एचआर विभाग होता है, जिसके लोगों का काम होता है वहाँ काम करने वालों के भीतर जितनी योग्यता,संभावनाएं और संसाधन है उनका अधिक से अधिक उपयोग कर लिया जाये। 

किन्तु ऐसे कुशल लोग भी अपने भीतर के संसाधनों के प्रति लापरवाह होतें है । उनमे हम और आप भी हो सकते है । हमारे भीतर जितने भी संसाधन है, अगर उनका उपयोग नहीं कर सके तो एक समय जरूर कर ले और वह समय होता है रात का । खासतौर से उस रात जब अगला दिन अवकाश का हो । अवकाश के पहले की रात हम बहुत रिलैक्स और प्रसन्न होकर सोते है,देर से सोते है कि कल जल्दी नहीं उठना है। 

कुल मिलाकर जल्दी उठने के अवकाश का आनंद खो बैठते है। वैसे उठना तो चाहिए सूर्योदय से पहले पर यदि अवकाश के दिन देर तक सोने की इच्छा हो तो कम से कम रात को एक व्यवस्था करके सोया जाये, योग की दुनिया में जिसका नाम है 'मृतवत' यानि मरे जैसा हो जाना । 

ऐसे सो जाइए जैसे यह आपकी अंतिम रात है कल सुबह मुर्दा ही होंगे । असल में मृतवत होकर सोने का अर्थ होता है वर्तमान से मुक्त हो जाना। क्रोध,काम और लोभ ये तीन बातें हमें वर्तमान में भटकाती है । इन्हीं से मुक्त होकर सो जाएं। अगले दिन जब उठेंगे तो पाएंगे न सिर्फ कामकाज से अवकाश है बल्कि काम, क्रोध और लोभ से भी छुट्टी है। नींद आने से पंद्रह मिनट पहले अपने आप को वर्तमान से मुक्त करें और यह तब होता है जब सोने से पहले कुछ देर मैडिटेशन कर लिया जाये। फिर देखिये छुट्टी का आनंद क्या होता है ।
                                     
                                       जय श्री राम 
" चंदन " से " वंदन " 
ज्यादा शीतल होता हैे,

" योगी " होने के बजाय 
" उपयोगी " होना ज्यादा अच्छा हैे,

"प्रभाव " अच्छा होने के बजाय 
"स्वभाव " अच्छा होना ज्यादा जरूरी है। ! 

हँसता हुआ चेहरा आपकी शान 
बढ़ाता है

मगर....

हँसकर किया हुआ कार्य आपकी 
पहचान बढ़ाता है!!...

जय श्री राम 

Tuesday, 7 February 2017

गलती नीम या करेले की नहीं कि वे
कड़वे है...
खुदगर्ज तो ज़ुबां है,जिसे सिर्फ मीठा
ही पसंद है ...

झूठ का भी अजीब जायका है, स्वयं
बोलो तो मीठा लगता है, और कोई
दूसरा व्यक्ति बोले तो कड़वा लगता
है......!!!

  राम राम जी  

Tuesday, 31 January 2017

सब को इकट्ठा रखने की ताकत प्रेम में है ,
और
सब को अलग करने की ताकत वहम में है।
सुखी जीवन का आसान रास्ता ये है कि
सबको हराने की जगह सबको जीतने की कोशिश करें।
लोगो पे हँसने की जगह लोगो के साथ हँसें।

सदैव मुस्कुराते रहे। सदा खुश रहे...!!!


      Beautiful thought

 "भरोसा जितना कीमती होता है...!
  धोखा उतना ही महंगा हो जाता है
          फूल कितना भी सुन्दर हो
          तारीफ खुशबू से होती है
            इंसान कितना भी बड़ा हो
        कद्र उसके गुणों से होती है".....

Wednesday, 25 January 2017

लहुसन से रखें सेहत का ख्याल

लहसुन एक ऐसा चीज है जो हर भारतीय रसोईघर में आसानी से मिल जायेगा. आमतौर पर लहसुन का इस्तेमाल खाने का टेस्ट बढ़ाने के लिए किया जाता है. इसके इस्तेमाल से खाने का टेस्ट बदल जाता है लेकिन क्या आप जानते है कि लहसुन की एक कली हमारे शरीर को कई बीमारियों से बचाती है. आईए हम आपको बताएं टेस्ट के साथ-साथ लहसुन कैसे रखता है सेहत का भी ख्याल,,,,,,,,,,,

दांत दर्द में देगा आराम - अगर आपके दांतो में दर्द हो रहा हो तो लहसुन की एक कली काफी फायदेमंद साबित हो सकती है. इसमें एन्टीबैक्टिरीअल गुण दांत के दर्द से राहत दिलाता है. इसके लिए इसकी एक कली पीसकर दांत के दर्द के जगह पर लगा लें.

हाई ब्लड प्रेशर के लिए फायदेमंद - इसका सेवन करने से न केवल ब्लड सर्कुलेशन को नियमित करता है, बल्कि दिल से संबंधित समस्याओं को भी दूर करता है.

पेट संबंधी समस्या को करता है दूर - लहसुन पेट संबंधी समस्याओं के लिए काफी फायदेमंद है. साथ ही इसका सेवन करने से आपके पेट में मौजूद टॉक्सिन को साफ कर देता है.

एलर्जी से लड़ता है - लहसुन का रस रैशेज और खुजलाहट को कम करने में मदद करता हैं.

स्किन इंफेक्शन - अगर आपको स्किन पर कोई इंफेक्शन हुआ है तो लहसुन को पीसकर उस जगह में लगाकर कुछ देर रखने के बाद पानी से धो लें.

जीवन की गहराई में उतरें

नदी को भी शांत होने के लिए गहराई चाहिए। जहाँ वह बहुत गहरी होती है, वहां वह बिलकुल शांत नज़र आती है। हमारे जीवन  में भी यही नियम लागू होता है। शांत होना है तो जीवन में गहराई उतारनी होगी। शांति की खोज में यदि नदी की तरह गहरे न हो सके तो बीज की तरह हो जाएं । बीज जब अंकुरित होता है तो जानता नहीं है कि मेरे अंकुरण का परिणाम क्या होगा । कितना बड़ा वृक्ष बनूँगा,मेरे फूलों का क्या उपयोग होगा पर एक बात जानता है कि मैं बीज हूँ तो मुझे बस अंकुरित होना है। बस बीज जैसा भाव ही अपने भीतर ले आएं कि हम  मनुष्य है तो हमें शांत होना ही है । तीन काम करते समय अपने आपको बीज जैसा बना लें तो शांति का अंकुरण होकर ही रहेगा ।
पहला - जब किसी को समय दे रहे हो ख़ास तौर पर परिवार को तो जो सदस्य जिस कालखंड का अधिकारी हो उसे वह पूरी तरह से दें  । उस समय छेड़छाड़ न करें ।
दूसरा - जब कभी समाज की, राष्ट्र की सेवा कर रहें तो पूरी तरह से समर्पित हो जाएं ।
तीसरा - जब भी किसी को सुनें छत - प्रतिशत उद्धार रहे । लोग भरें बैठें है बोलने को ।आप खाली हो जाएं सुनने के लिए।
ध्यान रखिये, प्रकृति का उसूल है, वह वहां नहीं लौटाती जहाँ आप देतें है । आप शांति का जो बीज बो रहें है जब वह अंकुरित होगा तो मालूम नहीं उसके फूल किस डाली पर खिलेंगे, कैसे फल निकलेंगे लेकिन, फिर भी बीज अंकुरण में पीछे नही हटता। हमें भी ऐसे ही काम करना है कि कभी न कभी तो शांति के फूल खिलेंगे। कहाँ खिलेंगे इसकी चिंता छोड़ दीजिये । शांति के बीज यदि बोयें है तो फूल जीवनसाथी के रूप में खिल सकतें है, संतान के रूप में खिल सकते है, आपकी सफलता के रूप में खिल सकतें है । शांत होना मनुष्य का जन्म सिद्ध अधिकार है, इसलिए जीवन में और स्वभाव में गहराई उतारिये ।

                                   जय श्री राम